क्रिप्टोकरंसी में निवेश: एक भारतीय दृष्टिकोण

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An Indian Perspective
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यह लेख Alfaiz Nizami ने लिखा है, जो लॉसिखो से इन-हाउस काउंसल के लिए बिजनेस लॉ में डिप्लोमा कर रहे है। इस लेख में वह ब्लॉकचेन, बिटकॉइन और क्रिप्टोकरंसी के बारे में बताते है। इस लेख का अनुवाद Divyansha Saluja द्वारा किया गया है। 

परिचय (इंट्रोडक्शन)

क्या आप जानते हैं कि सभी महान दार्शनिकों (फिलॉस्फर्स) को महान क्यों माना जाता है? ऐसा इसलिए है क्योंकि 100 साल पहले उन्होंने कुछ ऐसा कहा था जो अब समझ में आता है।

यदि आप ब्लॉकचैन, बिटकॉइन और क्रिप्टोकरंसी शब्द सुनते हैं, तो आपको इंटरनेट पर इन शब्दों को समझाने वाले 100 लेख मिल सकते हैं, लेकिन वे शब्दजाल (जारगंस) से भरे होते हैं और विशेष रूप से नॉन-टेक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति के लिए समझना मुश्किल है। यह लेख आम शब्दों में अवधारणा (कांसेप्ट) को समझाने की कोशिश करेगा और उदाहरणों के साथ आपको इसके उपयोग के बारे में ज्ञान प्रदान करेगा। अंत में, आप एक सूचित निर्णय लेने में सक्षम होंगे कि क्रिप्टो बाजार में निवेश (इंवेस्टमेंट) करना है या नहीं?

इस लेख से आप क्या सीखेंगे-

  • ब्लॉकचेन तकनीक की मूल (बेसिक) बातें
  • बिटकॉइन के मूल्य को कौन से कारक (फैक्टर) निर्धारित (डिटरमाइन) करते हैं?
  • कंपनियों द्वारा ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग कैसे किया जाता है?
  • आपको क्रिप्टोकरंसी में निवेश क्यों करना चाहिए?
  • क्या क्रिप्टोकरंसी में निवेश करना कानूनी है?

हम भारतीय हमेशा स्थिरता (स्टेबिलिटी) के पीछे भागते हैं। लेकिन कोविड के बाद के दृश्य में सीमित सरकारी नौकरियों और अनिश्चित निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) के साथ, लोगों ने अपनी आय (इनकम) को बढ़ाने के अन्य तरीकों की खोज और तलाश शुरू कर दी है। लेकिन अंत में सारा पैसा कागज पर उतर जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके बैंक दिवालिया (बैंकरप्ट) हो जाएं तो क्या होगा?

हाँ, ऐसा हो सकता है। इसलिए, यह हमारे दृष्टिकोण (पर्सपेक्टिव) को बढ़ाने का समय है। क्रिप्टोकरंसी एक प्रकार की डिजिटल संपत्ति/ मुद्रा (करंसी) है, जिसे क्रिप्टोग्राफी के माध्यम से सुरक्षित किया जाता है। वे ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित हैं और सरकारी हस्तक्षेप (इंटरफेयर) से मुक्त हैं क्योंकि वे किसी केंद्रीय प्राधिकरण (सेंट्रल अथॉरिटी) द्वारा जारी नहीं किए जाते हैं।

ब्लॉकचेन

यह एक प्रकार का डिजिटल लेज़र है; प्रत्येक ब्लॉक में डेटा, हैश और पिछले ब्लॉक का हैश होता है। पिछले ब्लॉक का हैश, ब्लॉक की एक श्रृंखला (सिरीज़) बनाता है। ब्लॉकों की श्रृंखला को लेज़र कहा जाता है और जब इसे नेटवर्क के सभी हिस्सों में बांट दिया जाता है तो इसे पब्लिक डिस्ट्रिब्यूटेड लेज़र कहा जाता है। ब्लॉक के अंदर का डेटा ब्लॉकचैन के प्रकार पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए- बिटकॉइन, ब्लॉकचेन में लेनदेन (ट्रांजेक्शन) की जानकारी होती है। जबकि हैश, प्रत्येक ब्लॉक से जुड़े एक अनोखे कोड की तरह होता है। यदि कोई ब्लॉक के अंदर के डेटा को बदलने की कोशिश करता है, तो हैश आपने आप बदल जाता है, जो अन्य ब्लॉकों के साथ-साथ पिछले ब्लॉक के हैश के माध्यम से भी स्पष्ट हो जाता है। इसलिए यह पूरे ब्लॉकचेन को अमान्य कर देता है। इसलिए, किसी भी व्यक्ति के लिए ब्लॉकचेन को हैक करना लगभग असंभव है। इसलिए, यह स्थापित (एस्टेब्लिश) हो गया है कि यह, किसी भी प्रकार के डेटा को संग्रहीत (स्टोर) करने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

आइए इसे एक उदाहरण की मदद से समझते हैं-

  • ‘A’ ‘B’ से एक कार खरीदता है और बिटकॉइन में पैसों का भुगतान करता है,
  • ‘A’ अपने निजी कुंजी पते (प्राइवेट की एड्रेस) का उपयोग करके ‘B’ को 2 बिटकॉइन भेजता है,
  • बिटकॉइन माइनर अपने कंप्यूटर के माध्यम से इस कठिन गणित की समस्या को हल करता है और लेन-देन को मान्य करता है और ब्लॉकचैन में एक नया ब्लॉक जोड़ा जाता है और ब्लॉक को ब्लॉकचैन में जोड़ने की इस प्रक्रिया (प्रोसेस) को ‘माइनिंग’ कहा जाता है,
  • ‘B’ को उसके 2 बिटकॉइन प्राप्त हों जाते है,
  • लेन-देन, जनता के लिए सार्वजनिक कुंजी पते के माध्यम से उपलब्ध होता है,
  • माइनर को इनाम के रूप में कुछ बिटकॉइन मिलते है। लेन-देन को मान्य करने की इस प्रक्रिया को ‘कार्य का प्रमाण (प्रूफ ऑफ़ वर्क)’ कहा जाता है।

ब्लॉकचैन के ब्लॉक के अंदर संग्रहीत डेटा अलग-अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए- वॉलमार्ट, खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी) ब्लॉकचेन का इस्तेमाल करता है। ब्लॉकचैन पर प्रत्येक नोड (उस ब्लॉकचैन के लेन-देन के पूरे इतिहास को संरक्षित (प्रिजर्व) करने वाला उपकरण (डिवाइस)) एक ऐसी इकाई (एंटिटी) का प्रतिनिधित्व (रिप्रेजेंट) करता है, जिसने संग्रहीत के रास्ते में खाद्य को संभाला है। इसलिए, जब कोई ग्राहक क्षतिग्रस्त (डैमेज्ड) उत्पाद पाता है, तो वॉलमार्ट, ब्लॉकचैन का उपयोग करके आसानी से क्षति की पहचान कर सकता है। इस प्रकार, ब्लॉकचेन किसी भी लेनदेन को पारदर्शी (ट्रांसपेरेंट) और पता लगाने योग्य बनाता है।

बिटकॉइन के मूल्य का निर्धारण करने वाले कारक (फैक्टर डिटरमाइनिंग वैल्यू ऑफ़ बिटकॉइन)

क्रिप्टोकरंसी केंद्र द्वारा संचालित (ऑपरेट) नहीं है, इसलिए वे बाजार के उतार-चढ़ाव या किसी भी आर्थिक कारकों (इकनॉमिक फैक्टर्स) से प्रभावित नहीं होते हैं। वे नीचे सूची मे दिए गए मानदंडों (क्रोटीरिया) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं-

  • उदाहरण के लिए आपूर्ति (सप्लाई) और मांग- केवल 21 मिलियन बिटकॉइन होंगे और अब तक लगभग 18 मिलियन बिटकॉइन का उत्पादन (प्रोड्यूस) किया जा चुका है। इस प्रकार आपूर्ति की एक निश्चित मात्रा है।
  • एक माइनिंग प्रक्रिया के माध्यम से बिटकॉइन के उत्पादन की लागत (कॉस्ट), जिसमें जटिल (कॉम्प्लेक्स) गणित गणनाओं (कैलकुलेशन) को हल करने के लिए कंप्यूटर में जोड़े गए हाई परफॉर्मेंस ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट्स का व्यापक उपयोग शामिल है।

(अब अप ये सोच रहे होंगे कि बिटकॉइन माइनिंग है क्या? यह सुपर-कुशल (एफिशिएंट) कंप्यूटर्स का उपयोग करके ब्लॉकचेन पर लेनदेन की पुष्टि (कंफर्म) करने की प्रक्रिया है)

  • लेनदेन की पुष्टि के लिए बिटकॉइन माइनर्स को जारी किया गया इनाम है। बिजली की लागत भी एक महत्वपूर्ण कारक है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
  • बिटकॉइन को टक्कर देने वाली क्रिप्टोकरंसी की संख्या भी क्रिप्टो बाजार की कीमत में उतार-चढ़ाव में एक प्रमुख भूमिका निभाती है।
  • जितने अधिक एक्सचेंजों पर यह ट्रेड करता है उतना ही अधिक निवेशक (इंवेस्टर) ये करंसी खरीदते है।
  • वैधता और नियम अलग-अलग देशों में भिन्न हो सकते हैं और यह निवेश के लिए मानसिकता के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

ब्लॉकचेन का उपयोग

नंदन नीलेकणी (इन्फोसिस के सह-संस्थापक (को-फाउंडर)) ने कहा कि:

“बिटकॉइन को एक करंसी के रूप में मत सोचो, इसे एक संपत्ति के रूप में सोचो”।

टेस्ला, पेपाल, बर्गर किंग और विदेशों में कई अन्य कंपनियों जैसे बड़े दिग्गजों (जिएंट्स) ने बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरंसी को भुगतान के तरीके के रूप में स्वीकार करना शुरू कर दिया है।

चारों ओर फैली हुई आम धारणा (नोशन) यह है कि क्रिप्टोकरंसी भुगतान का एक तरीका या निवेश का मार्ग है। हां, लेकिन किसी भी निवेशक के लिए यह समझना उतना ही जरूरी है कि निवेश का उपयोग कैसे किया जाएगा और भविष्य में इसका क्या दायरा (स्कोप) है। किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज पर सूचीबद्ध (लिस्टेड) सभी क्रिप्टोकरंसी, ब्लॉकचेन तकनीक पर चलती हैं और विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करती हैं।

उदाहरण के लिए- “क्लेरोस” द्वारा एक आगामी (अपकमिंग) ब्लॉकचेन तकनीक है, जिसका उपयोग, विवाद समाधान के लिए उपभोक्ताओं (कंज्यूमर) को त्वरित (क्विक) और किफायती उपाय प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। निर्णय, अज्ञात (एनोनीमस) जूरी सदस्यों द्वारा दिए जाएंगे। क्लेरोस स्मार्ट अनुबंधों (कॉन्ट्रेक्ट) के लिए अपनी ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके निष्पक्ष (फेयर) और अविनाशी (इनकप्टिबल) तीसरे पक्ष के रूप में कार्य करेगा और जूरी सदस्यों को सुरक्षित साक्ष्य संग्रह  (कलेक्शन) और प्रसारण (ट्रांसमीशन) करेगा।

स्मार्ट अनुबंध स्वयं निष्पादित अनुबंध (सेल्फ-एग्जीक्यूटेड कॉन्ट्रेक्ट) हैं। उदाहरण के लिए- यदि A और B वेबसाइट विकसित करने के लिए एक अनुबंध में प्रवेश करते हैं। जैसे ही अनुबंधों में उल्लिखित (मेंशन) आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है, पक्षों के बीच सहमत शुल्क को स्थानांतरित (ट्रांसफर) कर दिया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप अनुबंध संबंधी विवादों में कमी आएगी।

अब ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल एन.एफ.टी. के लिए भी किया जा रहा है। ब्लॉकचेन, बीच में कार्य कर रहे व्यक्तियों को हटाने में मदद करता है और बनाने वाले को सीधा ग्राहकों से जोड़ता है, जो सुरक्षित हस्तांतरणीयता (ट्रांसफरेबिलिट) के साथ एक खुला बाजार तैयार करेगा।

अब आप ये सोच रहे होंगे कि एन.एफ.टी. क्या है? एन.एफ.टी., अपूरणीय (नॉन फंजिबल) (अर्थात जो अनोखा है और जिसे किसी और चीज के साथ बदला नहीं जा सकता) टोकन हैं। उदाहरण के लिए- बिटकॉइन पूरणीय है- क्योंकि इसमें दूसरे बिटकॉइन के लिए ट्रेड किया जा सकता है। इसलिए, उन्हें समान दरों पर, क्रिप्टोकरंसी की तरह कारोबार नहीं किया जा सकता है। एन.एफ.टी. डिजिटल या भौतिक (फिजिकल) कुछ भी हो सकता है जैसे- ऑटोग्राफ, पेंटिंग, संगीत आदि।

हालांकि ऐसा लगता है कि भारतीय कंपनियों को फॉलो अप करने के लिए बहुत समय लग जाएगा। लेकिन स्थिति इसके विपरीत है। क्रिप्टो कारोबार में भारत में स्थित कंपनियों का पहले से ही हाथ है।

विप्रो, टाटा कम्युनिकेशन, हेड्रा के साथ व्यापार कर रहे हैं जो एक विकेन्द्रीकृत (डीसेंट्रलाइज्ड) सार्वजनिक नेटवर्क है, जो बिटकॉइन और एथेरियम के साथ प्रतिस्पर्धा (कंपटीशन) करता है। बिटकॉइन और एथेरियम की तुलना में हेड्रा कम शुल्क के साथ तेज लेनदेन गति प्रदान करता है।

इसी तरह, हजारों नई परियोजनाएं (प्रोजेक्ट्स) हैं और प्रत्येक परियोजना की अपनी ब्लॉकचेन तकनीक है जिसका उपयोग स्वास्थ्य, कानूनी, वित्त (फाइनेंस) आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में चीजों को हल करने और उन्हें अधिक कुशल (एफिशिएंट) और परेशानी मुक्त बनाने के लिए किया जाता है। निवेशक उन परियोजनाओं में निवेश करते हैं जिनमें वे संभावित (पोटेंशियल) देखते हैं।

आपको, क्रिप्टोकरंसी में निवेश क्यों करना चाहिए?

बिटकॉइन सोने की तरह दुर्लभ (स्कार्स) है, यही वजह है कि बिटकॉइन को आपके धन की रक्षा के लिए मूल्य का भंडार माना जाता है और मुद्रास्फीति (इनफ्लेशन) या किसी भी तरह के आर्थिक (इकनॉमिक) संकट के खिलाफ बचाव के रूप में कार्य करता है।

2009 में, “सातोशी नाकामोतो” नाम के एक व्यक्ति/समूह, जिसकी पहचान अभी भी दुनिया के लिए अज्ञात है, ने बिटकॉइन का आविष्कार किया था।

मार्च, 2020 में, केवल एक बिटकॉइन का मूल्य लगभग 4000 डॉलर (3 लाख रुपए) और मार्च, 2021 तक तेजी से इसके मूल्य में वृद्धि हुई थी, जिसके कारण बिटकॉइन ने 60,000 डॉलर (45 लाख रुपए) को छुआ था। यह सिर्फ एक उदाहरण है और कई अन्य कॉइंस हैं जिन्हें ऑल्ट कॉइन (बिटकॉइन के अलावा अन्य सभी कॉइन) के रूप में जाना जाता है, जिन्होने बिटकॉइन की तरह ही वृद्धि पाई है। इसलिए यह स्थापित किया गया है कि क्रिप्टो के बाजार बहुत अधिक अस्थिर (वोलेटाइल) हैं।

ज्यादातर लोगों में यह आशंका (अप्रीहेंशन) है कि बिटकॉइन बहुत महंगा है और वहनीय (अफोर्डेबल) नहीं है। वहीं आप गलती करते हैं। निवेशक हमेशा एक कॉइन के हिस्से खरीद सकते हैं या ऑल्ट कॉइंस में निवेश कर सकते हैं जो बिटकॉइन की तुलना में सस्ते होते हैं और फिर भी बहुत सारा पैसा कमाते हैं।

आश्चर्य है कि हमें ऑल्ट कॉइंस की आवश्यकता क्यों है? बिटकॉइन होने का कारण सही नहीं है और प्रत्येक ऑल्ट कॉइन कुछ अनोखा प्रदान करते है। उदाहरण के लिए- लाइट कॉइन, बिटकॉइन की तुलना में तेजी से लेनदेन की पुष्टि कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए- यदि A, बायनेंस एक्सचेंज में सूचीबद्ध आई.सी.एक्स. कॉइन में 500 डॉलर (लगभग 37,500 भारतीय रूपए ) का निवेश करता है, जिसका मूल्य 2.37 डॉलर है और उसे आई.सी.एक्स. के 1163 कॉइन मिलते हैं। A इसे तब बेचता है जब इसकी कीमत 5 डॉलर तक पहुँच जाता है। A द्वारा कमाया गया लाभ 1137 डॉलर (लगभग 85,275 भारतीय रूपए ) होगा।

निवेश पर प्रतिफल (रिटर्न) 2-3 महीनों के भीतर कवर किया जा सकता है, लेकिन स्टॉक मार्केट या किसी अन्य प्रकार के निवेश में ऐसा नहीं होता है। आमतौर पर, निवेश पर प्रतिफल देने में सालों लग जाते हैं।

क्रिप्टोकरंसी की वैधता (लिगेलिटी)

भारत में कोई कानून नहीं है जो अभी तक क्रिप्टोकरंसी में निवेश/व्यापार करने को अवैध बनाता है। अप्रैल 2018 के आर.बी.आई. सर्कुलर ने, क्रिप्टो करंसी भुगतान के लिए उपयोग किए जाने वाले बैंक भुगतान प्रणालियों (पेमेंट सिस्टम) पर प्रतिबंध (बैन) लगा दिया। लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरंसी पर पूर्ण प्रतिबंध को हटा दिया था। भारत में अभी भी क्रिप्टोकरंसी पर कोई स्पष्ट कानून नहीं है, लेकिन अगर आप कानून के आने तक इंतजार करना चाहते हैं तो तब इस बाजार में प्रवेश करने में शायद बहुत देर हो जाएगी, क्योंकि ज्यादातर संभावित करंसी अप्रभावी हो जाएंगी। किसी भी निवेश की तरह, हमेशा यही सुझाव दिया जाता है की कम में खरीदे और ज्यादा में बेचे। भविष्यवाणी की जा रही है कि इस साल के अंत तक बिटकॉइन 70,000 डॉलर की कीमत को छू सकता है। तो, अगर आप बाजार में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपके लिए यही सही समय है।

निष्कर्ष (कंक्लूज़न)

क्रिप्टोकरंसी की भविष्यवाणी करना लगभग असंभव है, लेकिन, विकसित और विकासशील (डेवलपिंग) देशों द्वारा फॉलो किए गए रुझानों (ट्रेंड्स) का उपयोग करके अनुमान लगाने का ही एकमात्र तरीका है। माल्टा, सिंगापुर, अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड जैसे देशों ने पहले ही ब्लॉकचेन कानून और कानूनी ढांचे (फ्रेमवर्क) को अपनाना शुरू कर दिया है।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “क्रिप्टो करंसी पर सभी विकल्पों को बंद नहीं किया गया है”। इन समाचार अपडेट के आधार पर, यह अनुमान लगाया जाता है कि भारत सरकार क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म जैसे वज़ीर एक्स, कोइंडेस्क आदि द्वारा पालन किए जाने वाले कुछ दिशानिर्देश (गाइडलाइंस) जारी कर सकती है। ऐसी भी अटकलें (स्पेक्युलेशन) हैं कि क्रिप्टोकरंसी व्यापार/प्रति लेनदेन पर कुछ कर (टैक्स) लगाया जा सकता है।

इसलिए, क्रिप्टोकरंसी के पूरी तरह से प्रतिबंधित होने की संभावना बहुत कम है। इसलिए, यदि आप सस्ती होने पर, कोई संपत्ति नहीं खरीदने के लिए खुद को दोष देते हैं या उस कंपनी के शेयर नहीं खरीदते हैं जो आपको बहुत अमीर बना सकता है तो आप शायद अगले 5 वर्षों में क्रिप्टो बाजार में निवेश न करने के लिए खुद को फिर से दोषी ठहराएंगे, क्योंकि ब्लॉकचेन तकनीक की क्षमता 1% भी नहीं छू पाई है और इस क्षेत्र में जबरदस्त गुंजाइश है क्योंकि प्रत्येक बीतते दिन के साथ, क्रिप्टोकरंसी की वैधता अधिक होती जा रही है।

अस्वीकरण (डिस्क्लेमर): क्रिप्टो बाजार अत्यधिक अस्थिर हैं, या तो वे आपको रातों रात करोड़पति बना सकते हैं या आपको सड़कों पर भी ला सकते हैं। इसलिए, किसी भी विशेषज्ञ (एक्सपर्ट) या पेशेवर (प्रोफेशनल) की गाइडेंस के द्वारा, बाजार में प्रवेश करने की सलाह दी जाती है और केवल उतना ही निवेश करें जो आप सहन कर सकते है।

संदर्भ (रेफरेंसेस)

 

 

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